जालंधर -(मनदीप कौर)-आम आदमी पार्टी के नेता आम आदमी पार्टी से जुड़े लक्की ओबराय हत्याकांड में आज उस समय नया मोड़ आ गया, जब काफी दिनों बाद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर शहर में कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन पर सीधे तौर पर संरक्षण देने के आरोप लगाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक सच सामने नहीं आता और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। भीड़ ने एक सुर में नारे लगाए—“वी वांट जस्टिस फ्रॉम सरकार” और “हमें सरकार से इंसाफ चाहिए।”

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे केवल आपराधिक साजिश ही नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। उनका दावा है कि इसी वजह से जांच की रफ्तार धीमी पड़ी हुई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी नेता का नाम सामने नहीं आया है और पुलिस ने भी ऐसी किसी संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है, लेकिन शहर में चल रही चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
मामले में मुख्य आरोपी के रूप में चर्चित गुरतेज मणि पर हत्या की साजिश रचने और घटना को अंजाम देने के गंभीर आरोप हैं। वहीं, जोगा फोलड़ीवाल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार और समर्थकों का कहना है कि यदि किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण न होता तो अब तक कठोर कार्रवाई हो चुकी होती।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन बढ़ते जनाक्रोश और सरकार पर लग रहे आरोपों ने इस हत्याकांड को केवल एक आपराधिक मामला न रहकर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार पारदर्शिता दिखाते हुए सच्चाई सामने लाती है या विरोध की आवाज और तेज होती है। फिलहाल, पीड़ित परिवार की मांग स्पष्ट है—उन्हें न्याय चाहिए।

