नई दिल्ली -(ब्रेकिंग न्यूज़)- मिडिल ईस्ट में भड़की जंग का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच चुका है। भारत में LPG सप्लाई पर गहरा संकट मंडरा रहा है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आ सकता है।
जंग के चलते ‘हॉर्मुज की खाड़ी’ बंद होने से भारत को होने वाली LPG आयात में भारी गिरावट आई है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि तेल मार्केटिंग कंपनियां—IOC, BPCL और HPCL—अब 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर में सिर्फ 10 किलो गैस भरकर देने की योजना पर विचार कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि सीमित स्टॉक को ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाया जा सके। हालांकि, इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, क्योंकि जहां पहले एक सिलेंडर 35-40 दिन तक चलता था, अब वही गैस करीब 25-28 दिन में खत्म हो सकती है।
भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% खाड़ी देशों से आता है। मौजूदा युद्ध ने इस सप्लाई चेन को पूरी तरह झटका दिया है, जिससे देश में गैस की उपलब्धता पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
हालांकि राहत की बात यह है कि कम गैस वाले सिलेंडर की कीमत भी घटाई जाएगी। उपभोक्ताओं को सिर्फ 10 किलो गैस के ही पैसे देने होंगे और ऐसे सिलेंडरों पर विशेष स्टिकर लगाया जाएगा, ताकि कम मात्रा की स्पष्ट जानकारी दी जा सके।
इस बीच सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए होटल और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल सेक्टर के लिए गैस का कोटा 50% तक बढ़ा दिया है, जिससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है। साथ ही, लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि LPG पर निर्भरता कम की जा सके।
कुल मिलाकर, देश में ‘गैस राशनिंग’ जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। अगर मिडिल ईस्ट में जंग लंबी खिंचती है, तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं और आम आदमी की रसोई पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

